Shudhbodh The way of Awareness

Destructive Thought, conservative thought, student life ,religion ,i am the best, superior, teach, casteism, discrimination, be the best

Vinaashkari vichar

मनुष्य के विचार हमेशा उसी तरफ चलते है जिस प्रकार का वातावरण वह अपने चारो ओर देखता है जिस प्रकार से उसकी परवरिश हुई है। जो भी संस्कार उसने अपने माता पिता से ग्रहण किये है। या अपने प्रिय जनों से सीखे है। मनुष्य के विचार उसी दिशा में अग्रसर होते है। एक रुग्ण विचार …

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Veragya

वैराग्य हमें लगता है की जो नंगे घूम रहे है  जिन्होंने ग्रह त्याग किया हुआ या जो लोग भस्म लगए हुए बैठे है जो शरीर को कष्ट दे रहे है वह वैरागी  है मैं तुमसे कहता हूँ उनका वैराग से कोई सम्बन्ध नहीं है उनका राग शरीर को दुःख देने से जुड़ गया है उनका …

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How to attain Awareness without meditation! Part-2

The second sense is the Auditory sense which is related with the “air” element and its subject is “word”. One always wants to hear the sweat and sugar-coated words via one’s ears and he absolutely despises anything unpleasant. The harsh or cacophonic words trigger the fire element in the body and consequently the flames of …

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